शाहजहाँ के समय यह लगभग 24% थी।
इन कदमों ने उत्तर और दक्षिण भारत में मुगलों के खिलाफ राष्ट्रवाद और विद्रोह की ऐसी आग भड़काई, जिसने अंततः मुगल साम्राज्य के पतन का मार्ग प्रशस्त किया।
: While he did destroy certain temples, he also issued land grants and stipends to others and employed more Hindus in his administration than any previous Mughal ruler.
Truschke examines the destruction of temples not as acts of random iconoclasm, but as political punishments for rebellious local elites. Aurangzeb The Man And The Myth In Hindi Pdf
ऐसे में अमेरिकी इतिहासकार ऑड्रे ट्रुश्के द्वारा लिखी गई पुस्तक एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में सामने आती है। यह पुस्तक न केवल औरंगज़ेब के जीवन पर एक नई रोशनी डालती है, बल्कि उनसे जुड़े मिथकों और तथ्यों के बीच का अंतर भी स्पष्ट करती है। यह लेख आपको इस पुस्तक के बारे में विस्तृत जानकारी देगा और इसकी हिंदी PDF की उपलब्धता के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालेगा।
ट्रुश्के लिखती हैं कि औरंगजेब ने मंदिर तोड़े, लेकिन संख्या में हजारों नहीं, बल्कि कुछ दर्जन। इनमें से अधिकांश मंदिर राजनीतिक कारणों से तोड़े गए (जैसे शत्रुतापूर्ण राजाओं के मंदिर) न कि धार्मिक कट्टरता के कारण। साथ ही, औरंगजेब ने कई मंदिरों को सनद (अधिकार पत्र) जारी कर सुरक्षा भी प्रदान की थी। ब. जजिया कर (Jizya Tax)
औरंगज़ेब एक ऐसा क्रूर राजा था जिसका एकमात्र उद्देश्य भारत से हिंदुओं का सफाया करना था। Aurangzeb The Man And The Myth In Hindi Pdf
उसने अपनी जिंदगी के आखिरी 25 साल दक्कन में मराठों के खिलाफ लड़ते हुए बिताए और वहीं उसकी मृत्यु हुई। वह मराठा शक्ति को मिटा नहीं सका, जो बाद में मुगल साम्राज्य का अंत लेकर आई।
Audrey Truschke’s biography aims to strip away the colonial and nationalist layers of storytelling to find the "historical" Aurangzeb. In the Hindi version—often titled —the author argues that Aurangzeb’s actions were driven more by political pragmatism and the preservation of the Mughal state than by a simple hatred for other religions. Key Themes Explored:
ऑड्रे ट्रुशके (संस्कृत और दक्षिण एशियाई इतिहास की प्रोफेसर) Aurangzeb The Man And The Myth In Hindi Pdf
ये घटनाएं औरंगज़ेब की कट्टरता और क्रूर राजनीतिक दमन को दर्शाती हैं।
The book highlights that Aurangzeb’s administration actually saw a higher percentage of Hindu officials (Rajputs and Marathas) in the nobility compared to his predecessors.
वह शाही खजाने का पैसा अपने निजी खर्चों के लिए इस्तेमाल नहीं करता था।
2025 में आई हिंदी फिल्म 'छावा' में औरंगज़ेब को एक हिंदू राजा के बेटे की हत्या का आदेश देते हुए दिखाया गया, जिससे नागपुर में हिंसक प्रदर्शन हुए।